मेरे जीवन में औरत

मैंने 

सोचा कि मैं अपनी मां के बारे में लिख.. क्योंकि मां मेरे जीवन में न केवल पहली औरत हैं बल्कि सबसे पहली इंसान भी हैं ..उन्होंने मुझे अपने जीवन में इतना दिया है कि ना तो मैं उसके बारे में लिख सकता हूं , ना कह सकता हूं , ना बता सकता हूं.. मैं कोशिश करूंगा लेकिन सफल नहीं हो पाऊंगा ..इसलिए मैंने फैसला किया कि मैं अपनी मां के बारे में नहीं बल्कि अपने जीवन में आई उन दूसरी औरतों के बारे में लिखूंगा जिन्होंने मेरे जीवन को बनाने में बहुत महत्वपूर्ण है योगदान दिया है ..जो मेरे जीवन की सच्चाई है जो मेरे जीवन का अनुभव है अगर वह मेरी जीवन में ना आई होती तो मैं कितना.  कमजोर रह जाता …मैं उन का आभारी हूं …..

इसलिए आज मैं उन औरतों के बारे में लिखूंगा जो मेरी हम-उम्र हैं या मुझसे दो तीन या चार पांच वर्ष बड़ी या छोटी हैं ..यह औरत है जो मेरे जीवन में एक रंग लाती हैं, इसे सुंदर -समझने योग्य बनाती हैं …

एक समय था जब मेरी यह स्थिति थी कि मैं अपनी क्लासमेट लड़कियों तक से बात भी नहीं कर पाता था या यह कहे कि हमारी कक्षा में कुछ इस तरह का माहौल था कि लड़क लड़कियां आपस में कभी बात ही नहीं करते थे.. और मुझे बड़ा अफसोस है कि आज भी हमारे समाज में ऐसी स्थितियां बरकरार  हैं …आदमी और औरत  एक दूसरे से मित्रता भी नहीं कर पाते हैं… यह कैसी स्थिति है !! क्या आदमी और औरत different  species  हैं ….आखिर वो एक दूसरे से मित्रता क्यों नहीं कर सकते ? ..भयानक प्रश्न है ..लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है. कोई भी धार्मिक ठेकेदार इस प्रश्न का जवाब देने की हिम्मत कभी नहीं कर पाता है ..उन्होंने जो दूरियां खड़ी कर दी है वह इतनी आसानी से भरी नहीं जा सकती और उसके परिणाम हमारी सभी जातियां और वर्ग महसूस करते हैं….. 

कोमल उम्र में बनाई गई मित्रता ही सच्चे अर्थों में निस्वार्थ मित्रता होती है .बाद में स्वार्थ प्रमुख होता है ..

अपनी गलती सुधारने की कोशिश भी की मैंने. .या कुदरत ने ही मेरी गलती सुधार दी .आज मेरी चार लड़कियों से अच्छी मित्रता है …जी हां, “मित्रता “है …

मेरी एक मित्र राजनीतिक रुप से अत्यंत जागरुक है वह वर्तमान में बहरीन देश में है ..उसके साथ अक्सर WhatsApp पर अच्छी इंटेलेक्चुअल टॉक्स होती रहती हैं.. और अक्सर रोजाना ही होती है.. मैं ऐसी मित्र पाकर बहुत खुश हूं उसने मेरे ज्ञान को और मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है. .

 मेरी दूसरी मित्र successful CA बनने में प्रयत्नशील है ..मुझे उनका अपनी बात रखने का तरीका बहुत पसंद आया.. स्पष्ट एवं कम शब्दों में ..सीधी बात बोलती हैं .लेकिन न जाने क्यों , मुझे लगता है कि, इन से मेरी मित्रता strong नहीं हो पाई है.. कभी यह मेरी क्लासमेट भी रह चुकी है. .. लगता है हम आज बहुत अच्छे दोस्त बन सकते हैं .एक अच्छे समय आने की आशा है और वह समय जरूर आएगा …

मेरी तीसरी महिला मित्र मेरी बेस्ट फ्रेंड है ..यह एक विशाल, निस्वार्थ एवं मासूम हृदय की मालकिन है ..उसे अधिक राजनीति नहीं आती है और ना ही समाज की दूसरे विषयों पर एक टिप्पणी करती है लेकिन अपनी राय रखती है ..मैं उसके सामने अपने वास्तविक रुप में आ सकता हूं. मुझे गर्व है उस की मित्रता पर.. मैं ऐसे मासूम मित्र पाकर धन्य हूं ..

चौथी लड़की अभी सिर्फ 14 साल की है वह मेरी स्टूडेंट है ..मैं उसे अपनी मित्र भी मानता हूं वह महान है और उसकी महानता उसकी आंखों से झलकती है मुझे किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है इसके लिए ..उसकी महानता उसके दृढ़ संकल्प में दिखती है.. वह  11th क्लास में पढ़ती है. . उसका लक्ष्य कितना स्पष्ट है उसके सामने.. वह अत्यंत सजी हुई एवं मासूम है ..जब भी मैं उसे पढ़ाता हूं मैं नई ऊर्जा से भर जाता हूं..

 यह चारों लड़कियां मेरे उस सपने का हिस्सा है जिसे में औरतों और दुनिया की आधी आबादी के लिए देखता हूं ..यह एक आशा की किरण है- उस सुबह की आशा है जिसकी अंधेरी रातों को मैंने देखा है.. यह लड़कियां उन लड़कियों के ख्वाबों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिनके ख्वाब उम्र चढ़ने से पहले टूटते हुए देखा है मैंने.. आपके पास भी ऐसी अनेकों कहानियां होगी और ऐसी भी अनेकों कहानियां होगी जिनमे दर्द छुपा होगा .. 

आपके जीवन को बना रही हैं

 लेकिन आप  कुछ महसूस नहीं कर पा रहे हैं ..

यह आपके जीवन का हिस्सा है .. आप खुद से कमतर कैसे मान लेते हैं ? 

और कैसे घटिया जोक्स आप WhatsApp और Facebook पर चलाते रहते हैं ?…

कैसे आप उस वक़्त खामोश रह जाते हैं जब एक लड़की को अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने से रोका जाता है ? 

और उस वक्त आप कैसे खामोश रह जाते हैं जब आपके माता पिता आपकी शादी के लिए दहेज की बात करते हैं ? .

आप उस वक्त कैसे खामोश रह जाते हैं जब एक महिला को उसका जीवन साथी चुनने की आजादी नहीं दी जाती ? .

आप उस वक्त कैसे खामोश रह जाते हैं जब आपकी किसी भी साथीको  train या किसी बस में जबरदस्ती कोई अनुचित ढंग से छूने का प्रयास करता है? .

आप उस वक्त कैसे खामोश रह जाते हैं जब मीडिया फिल्मों और विज्ञापनों में औरत एक वस्तु की तरह प्रदर्शित की जाती है ? .

उन कहानियों को तलाशने की कोशिश कीजिए जिनमें औरतों और आप दोनों शामिल हैं.. जो आप का एक हिस्सा है.. आपकी शख्सियत का एक महत्वपूर्ण भाग.. 

अगले एपिसोड में मैं अपने गांव की 5 लड़कियों की कहानी सुनाऊंगा ..एक कड़वी सच्चाई ..एक दर्दनाक कहानी जो मेरे जीवन की पथ प्रदर्शक बनी हुई है..

अंत में मैं दुनिया की तमाम औरतों से कहना चाहता हूं…

                 तुम मां हो 

                   बहन हो 

              बेटी हो पत्नी हो 

               और प्रेमिका हो 

            लेकिन तुम औरत हो 

        उससे भी पहले तुम इंसान हो 

        सबसे पहले तुम एक रूह हो 

            जो सभी के अंदर है 

             सभी  एक जैसे हैं 

         मेरी भी और तुम्हारी भी